‘नवरात्रि’ : शक्ति को जागृत करने का स्रोत
श्रीराम-रावण युद्ध में जब श्रीराम की सेना पराजय होने लगी तब श्रीराम ने शक्ति को प्रसन्न करने हेतु नौ दिन, देवी की पूजा करने का संकल्प किया और अंतिम दिन…
महारानी तपस्विनी बाई
बहादुरों जब भारत माता बंदी हो, तुम्हें चैन से सोने का हक नहीं। नौजवानों उठो भारत भूमि को फिरंगियों से मुक्त कराओ। ऐसे शब्द शक्ति का संचार, जिसने भारतीयों के…
मानक हिंदी वर्तनी
6 अनुस्वार (शिरोबिंदु/बिंदी) तथा अनुनासिकता चिह्न (चंद्रबिंदु) 6.0 अनुस्वार व्यंजन है और अनुनासिकता स्वर का नासिक्य विकार। हिंदी में ये दोनों अर्थभेदक भी हैं। अत हिंदी में अनुस्वार (ं) और…
संत साहित्य की वर्तमान प्रासंगिकता (संत रामानन्द)
संत रामानन्द कहते हैं अति किसी की भी अच्छी नहीं होती, बदलाव संसार का नियम है…. ऐसे ही एक बदलाव की आवश्यकता थी समाज को जब जाति-पाँति, ऊंच-नीच, छुआ-छूत जैसी…
मेरी अविस्मरणीय यात्रा
‘जीवन का एक नया अध्याय’ यात्रा’ मात्र एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने का नाम नहीं है या नए स्थान पर घूमने और मन बहलाने का साधन मात्र भी…
