‘मुक्त’
कहा था,जब यह बारिश का कहर मुझ पर टूटे और मेरे पंख गिले हों जाएँ,बस कुछ क्षण के लिए साथ दे देना!परंतु, फिर से वही हुआ,भरती उड़ान में जाने कितने…
May 21, 2026
‘गो’ से रक्षित “गोरखनाथ”
एक महान योगी, संत, धर्मनेता, जिन्होंने अपनी शक्ति और शिक्षा से एक ऐसे समाज को बदला जो झूठ, आडंबर, ऊँच-नीच, व्यभिचारिता आदि विकृतियों से ग्रसित था। उनकी महानता, जिसे संपूर्ण…
June 9, 2025
स्वीकृत शब्दावली निर्माण के सिद्धांत
1. अंतरराष्ट्रीय शब्दों को यथासंभव उनके प्रचलित अंग्रेजी रूपों में ही अपनाना चाहिए और हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं की प्रकृति के अनुसार ही उनका लिप्यंतरण करना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय शब्दावली…
May 7, 2021
त्योहार अपनी मिट्टी का
त्योहार अपनी मिट्टी कारंग और गुलाल काप्रेम का सौहार्द काखुशियों और उल्लास का।लाल-हरा ये नीला-पीलारंग गुलाबी सबसे रंगीलाधरा-गगन पर जब ये बिखरेबन जाएँ इंद्रधनुष ही कितने।मनमुटाव, रंजिशें गहरीभस्म कर देती…
April 5, 2021
