स्वाधीनता के अज्ञात वीर : ‘स्वयं’ के रक्षक
जीवन आनंदमय है। आनंद की अनुभूति तब होती है जब आत्मसंतुष्टि होती है। जब साधक, त्याग और तप द्वारा ‘स्वयं’ की अनुभूति कर लेता है तब उसे यह भी ज्ञान…
संघर्ष ही शक्ति
बिखरी लालिमा नभ-धरा परबढ़ते कदम सब थम गए,जो जहाँ थे खड़े वहीं परसबके सब पिघल गए ।कोई घर से दूर तो कहींमाँ-बाप की चिंता सता रही,मिलने की है आस परनिराशा…
मानक हिंदी वर्तनी
6 अनुस्वार (शिरोबिंदु/बिंदी) तथा अनुनासिकता चिह्न (चंद्रबिंदु) 6.0 अनुस्वार व्यंजन है और अनुनासिकता स्वर का नासिक्य विकार। हिंदी में ये दोनों अर्थभेदक भी हैं। अत हिंदी में अनुस्वार (ं) और…
स्वीकृत शब्दावली निर्माण के सिद्धांत
1. अंतरराष्ट्रीय शब्दों को यथासंभव उनके प्रचलित अंग्रेजी रूपों में ही अपनाना चाहिए और हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं की प्रकृति के अनुसार ही उनका लिप्यंतरण करना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय शब्दावली…
सब कुछ छूट जाएगा
जब सोचोगे यह मेरा हैयह भ्रम तेरा टूट जाएगा,जो कुछ अपना माना थावह सब कुछ छूट जाएगा।तन्हा खुद को पाओगेजब जरूरत सबसे अधिक होगी,हर बनने वाला खास तेरादूर-दूर नज़र न…
