अपने दम पर
करना हो कुछ,अपने दम पर करो !दूसरों पर भरोसा,थका देगा, हरा देगा,अपने दम पर हीरास्ता तय होगामंजिल तक पहुंचने का । साथ,बीच में छूट जाएगातुम्हें भटकाएगा,रह जाओगे अकेलेकिसी सुनसान वीराने…
ज़रूरी था ठहरना
क्या ज़रूरी था ठहरना?वहाँ, जहाँ कोई नहीं थाअकेले रास्ते पर नज़रें गढ़ाएजहाँ से किसी के आने कीउम्मीद लगाएकभी पलट कर, कभी दाएँ-बाएँपर कुछ नज़र न आएक्या ज़रूरी था ठहरना? एकाएक…
सब कुछ मिल गया
शाम को जॉब से लौटते समय भाई ने फोन किया और कहा कि दीदी थोड़ा तैयार रहना, मेहमान आ रहे हैं। मैंने कई बार पूछा कि कौन आ रहे हैं?…
‘मुक्त’
कहा था,जब यह बारिश का कहर मुझ पर टूटे और मेरे पंख गिले हों जाएँ,बस कुछ क्षण के लिए साथ दे देना!परंतु, फिर से वही हुआ,भरती उड़ान में जाने कितने…
स्वाधीनता के अज्ञात वीर : ‘स्वयं’ के रक्षक
जीवन आनंदमय है। आनंद की अनुभूति तब होती है जब आत्मसंतुष्टि होती है। जब साधक, त्याग और तप द्वारा ‘स्वयं’ की अनुभूति कर लेता है तब उसे यह भी ज्ञान…
