मानक हिंदी वर्तनी
6 अनुस्वार (शिरोबिंदु/बिंदी) तथा अनुनासिकता चिह्न (चंद्रबिंदु) 6.0 अनुस्वार व्यंजन है और अनुनासिकता स्वर का नासिक्य विकार। हिंदी में ये दोनों अर्थभेदक भी हैं। अत हिंदी में अनुस्वार (ं) और…
बलिदानी शीश
मज़लूमों की रक्षा हेतुप्राण त्याग को आतुर थे,हिंद के पीर, शूरवीरगुरु हरगोविंद सुत, तेग बहादुर थे। माँ ‘नानकी’, ‘गुजरी’ पत्नी कोब्रह्मज्ञान दे अलख जगाया,ऐसा पहली बार हुआ जबस्वयं शहीदी को…
स्वाधीनता के अज्ञात वीर : ‘स्वयं’ के रक्षक
जीवन आनंदमय है। आनंद की अनुभूति तब होती है जब आत्मसंतुष्टि होती है। जब साधक, त्याग और तप द्वारा ‘स्वयं’ की अनुभूति कर लेता है तब उसे यह भी ज्ञान…
महान संत-कवयित्री लल्लेश्वरी
कश्मीर की महान संत कवयित्री लल्लेश्वरी का जन्म सन् 1320-1392 माना जाता है। वे ललद्यद, लल, लल्ला, ललदेवी, लैला आदि नामों से प्रसिद्ध हैं। कश्मीरी साहित्य में इनकी रचनाएँ महत्वपूर्ण…
अपने दम पर
करना हो कुछ,अपने दम पर करो !दूसरों पर भरोसा,थका देगा, हरा देगा,अपने दम पर हीरास्ता तय होगामंजिल तक पहुंचने का । साथ,बीच में छूट जाएगातुम्हें भटकाएगा,रह जाओगे अकेलेकिसी सुनसान वीराने…
