सब कुछ मिल गया
शाम को जॉब से लौटते समय भाई ने फोन किया और कहा कि दीदी थोड़ा तैयार रहना, मेहमान आ रहे हैं। मैंने कई बार पूछा कि कौन आ रहे हैं?…
February 24, 2022
“गुरु न तजूँ हरि कूँ तजि डारूँ”
‘गुरु’ अर्थात् अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला। गुरु का अर्थ या उसकी परिभाषा शब्दों में व्यक्त करना असंभव है। किसी वस्तु या व्यक्ति का वर्णन किया जा…
July 3, 2023
रिकॉर्डिंग
एक जमाना थाजब कह देते थे अपनीसुन लेते थे उनकीकर लेते थे दिल हल्काकुछ कहकर अपने मन की। अब सब यहाँ बदल गयामन की कहने से अंतर्मन सहम गयाविश्वास तमाशा…
December 18, 2021
तुम शिव की शक्ति
हे नारी! तुम शिव की शक्ति इस धरा पर भक्ति ममता की मूरत प्रेम की सूरत जीवन दायिनी हो तुम ! हे नारी! भावों को समेटे धैर्य को लपेटे अँधेरे…
March 9, 2025
ओ राधारानी! तुम हो कौन?
ओ राधारानी! तुम हो कौन? बृषभान दुलारी या नंदलाल की प्यारी होगोपियों की सखी या बरसाने की रानी हो ओ राधारानी! तुम हो कौन? तुम्हारा नाम, यमुना के कल-कल…
March 18, 2024
