संत कवयित्री सहजोबाई
हिंदी साहित्य के भक्ति काल में यदि किसी संत कवयित्री की बात की जाए तो तुरंत ही मीराबाई का नाम जिह्वा पर होता है, परंतु यह भी विचारणीय है कि…
January 9, 2022
शुद्ध हिंदी लेखन
हिंदी का प्रयोग-क्षेत्र विस्तृत है। हिंदी की 18 बोलियाँ व उनकी उपबोलियाँ और उनके भी स्थानीय रूप होने के कारण, भाषा में अनेक भिन्नताएँ दिखाई देती हैं, जिससे उसके लेखन-शैली…
February 4, 2022
बलिदानी शीश
मज़लूमों की रक्षा हेतुप्राण त्याग को आतुर थे,हिंद के पीर, शूरवीरगुरु हरगोविंद सुत, तेग बहादुर थे। माँ ‘नानकी’, ‘गुजरी’ पत्नी कोब्रह्मज्ञान दे अलख जगाया,ऐसा पहली बार हुआ जबस्वयं शहीदी को…
May 1, 2021
