‘गोशाला’ से पवित्र स्थल, दुनिया में कहीं भी नहीं…
महर्षि वशिष्ठ जी ने कहा है – “गाव: स्वस्त्ययनं महत्” अर्थात् ‘गो मंगल का परम् निधान है।’ जहाँ गोमाता का पालन-पोषण भली-भाँति नहीं होता, वहाँ अमंगल दशा देखने को मिलती…
May 28, 2022
*’स्कंद कवच’*
भगवान कार्तिकेय की परम् इच्छानुसार संत सुंदर जी द्वारा रचित कल्याणकारी ‘स्कंद कवच’ ‘स्कंद’ ही कवच है ‘स्कंद’ ही रक्षा है ‘स्कंद’ परमेश्वरा ‘स्कंद’ ही कैलाश है ‘स्कंद’ नेत्रों की…
December 15, 2024
सृष्टि की श्रेष्ठ रचना
नारी एक ऐसा रहस्य है जिसे सभी ने अपने -अपने दृष्टिकोण से जानने का प्रयास किया। वेद-पुराणों और शास्त्रों में उसका स्थान सर्वोपरि बताया गया है।“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”जननी और…
March 8, 2021
अपने दम पर
करना हो कुछ,अपने दम पर करो !दूसरों पर भरोसा,थका देगा, हरा देगा,अपने दम पर हीरास्ता तय होगामंजिल तक पहुंचने का । साथ,बीच में छूट जाएगातुम्हें भटकाएगा,रह जाओगे अकेलेकिसी सुनसान वीराने…
November 3, 2020
