गुरु गोरखनाथ और हिंदी
नाथ पंथ के प्रवर्तक एवं हठयोग के उपदेशक, महायोगी, गुरु गोरखनाथ का अवतरण एक ऐसे काल में हुआ जब सामाजिक व्यवस्था डगमगाने लगी थी, यहाँ तक कि भारतीय संस्कृति के…
December 1, 2021
संत साहित्य की वर्तमान प्रासंगिकता (संत रामानन्द)
संत रामानन्द कहते हैं अति किसी की भी अच्छी नहीं होती, बदलाव संसार का नियम है…. ऐसे ही एक बदलाव की आवश्यकता थी समाज को जब जाति-पाँति, ऊंच-नीच, छुआ-छूत जैसी…
March 1, 2021
रिकॉर्डिंग
एक जमाना थाजब कह देते थे अपनीसुन लेते थे उनकीकर लेते थे दिल हल्काकुछ कहकर अपने मन की। अब सब यहाँ बदल गयामन की कहने से अंतर्मन सहम गयाविश्वास तमाशा…
December 18, 2021
तुम शिव की शक्ति
हे नारी! तुम शिव की शक्ति इस धरा पर भक्ति ममता की मूरत प्रेम की सूरत जीवन दायिनी हो तुम ! हे नारी! भावों को समेटे धैर्य को लपेटे अँधेरे…
March 9, 2025
