स्वाधीनता के अज्ञात वीर : ‘स्वयं’ के रक्षक
जीवन आनंदमय है। आनंद की अनुभूति तब होती है जब आत्मसंतुष्टि होती है। जब साधक, त्याग और तप द्वारा ‘स्वयं’ की अनुभूति कर लेता है तब उसे यह भी ज्ञान…
‘गो’ से रक्षित “गोरखनाथ”
एक महान योगी, संत, धर्मनेता, जिन्होंने अपनी शक्ति और शिक्षा से एक ऐसे समाज को बदला जो झूठ, आडंबर, ऊँच-नीच, व्यभिचारिता आदि विकृतियों से ग्रसित था। उनकी महानता, जिसे संपूर्ण…
*’स्कंद कवच’*
भगवान कार्तिकेय की परम् इच्छानुसार संत सुंदर जी द्वारा रचित कल्याणकारी ‘स्कंद कवच’ ‘स्कंद’ ही कवच है ‘स्कंद’ ही रक्षा है ‘स्कंद’ परमेश्वरा ‘स्कंद’ ही कैलाश है ‘स्कंद’ नेत्रों की…
प्रेरणा का स्वरूप : प्रतिकूल परिस्थितियाँ
प्रतिकूल परिस्थितियाँ हमारे जीवन में सदैव एक बदलाव लाती हैं और यह बदलाव हमें समृद्धि की ओर ले जाता है। ये, हमें डराती अवश्य हैं परंतु मानसिक स्तर पर बहुत…
ओ राधारानी! तुम हो कौन?
ओ राधारानी! तुम हो कौन? बृषभान दुलारी या नंदलाल की प्यारी होगोपियों की सखी या बरसाने की रानी हो ओ राधारानी! तुम हो कौन? तुम्हारा नाम, यमुना के कल-कल…
