शारदे वंदना
शुभ वाणी शुद्ध विद्या,
शुद्ध चित्त प्रदायिनी !
सदा धरूँ तेरा ही ध्यान,
है सर्वबाधा विनाशिनी !!
जय जय शारदे माता
जय जय शारदे माता ।
जय जय शारदे माता
जय जय शारदे माता ।।
वीणावादिनी तू ही,
पुस्तक धारिणी तू ।
कमलासनी तू ही,
हंस विराजिनी तू ।। जय जय शारदे… ।।
मैं मूरख अज्ञानी,
मन में तमस भरा ।
बिनती सुन ले माता,
ज्ञान का दीप जला ।। जय जय शारदे..।।
मूढ़ता हरके मेरी,
बुद्धि प्रदान करो ।
जिह्वा कवित्व हो माता,
विद्या तर्क भरो ।। जय जय शारदे… ।।
तू कल्याणी शक्ति,
जीवन दायनी तू ।
दया दृष्टि कर माता,
क्षमा दायनी तू ।। जय जय शारदे… ।।
मंत्रहीन मैं क्रियाहीन
मैं भक्तिहीन माता ।
स्वीकार करो पूजा को,
हो पूरण आशा ।। जय जय शारदे… ।।


